ki hai koi haseen KHataa har KHataa ke saath | की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ

  - Kaifi Azmi
कीहैकोईहसीनख़ताहरख़ताकेसाथ
थोड़ासाप्यारभीमुझेदेदोसज़ाकेसाथ
गरडूबनाहीअपनामुक़द्दरहैतोसुनो
डूबेंगेहमज़रूरमगरनाख़ुदाकेसाथ
मंज़िलसेवोभीदूरथाऔरहमभीदूरथे
हमनेभीधूलउड़ाईबहुतरहनुमाकेसाथ
रक़्स-ए-सबाकेजश्नमेंहमतुमभीनाचते
काशतुमभीगएहोतेसबाकेसाथ
इक्कीसवींसदीकीतरफ़हमचलेतोहैं
फ़ित्नेभीजागउट्ठेहैंआवाज़-ए-पाकेसाथ
ऐसालगाग़रीबीकीरेखासेहूँबुलंद
पूछाकिसीनेहालकुछऐसीअदाकेसाथ
  - Kaifi Azmi
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