hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aniket sagar
mire dil men sajaana chahta hooñ
mire dil men sajaana chahta hooñ | मिरे दिल में सजाना चाहता हूँ
- Aniket sagar
मिरे
दिल
में
सजाना
चाहता
हूँ
तुझे
अपना
बनाना
चाहता
हूँ
कभी
सीखा
नहीं
शायद
ये
हँसना
जी
भर
तुझको
हँसाना
चाहता
हूँ
बड़े
नज़दीक
से
देखा
जो
तूने
उसी
ग़म
को
मिटाना
चाहता
हूँ
जहाँ
रौशन
है
मुस्तक़बिल
मिरा
मैं
वहाँ
जीवन
बिताना
चाहता
हूँ
नज़र
के
सामने
लाकर
तुझे
मैं
गले
से
जाँ
लगाना
चाहता
हूँ
- Aniket sagar
Download Ghazal Image
अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
38 Likes
दुख
कम
मिलें
इस
साल
तुमको
उस
बरस
से
ये
साल
तुमको
हौसला
दे
ये
दु'आ
है
Siddharth Saaz
Send
Download Image
30 Likes
उदासी
का
सबब
उस
सेे
जो
हम
तब
पूछ
लेते
वजह
फिर
पूछनी
पड़ती
न
शायद
ख़ुद-कुशी
की
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
Read Full
Mohit Dixit
Send
Download Image
8 Likes
वो
हमारा
ग़म
चुरा
कर
ले
गया
साथ
अपने
ले
गया
तस्वीर
भी
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
फिर
उसी
सितमगर
को
याद
कर
रहे
हैं
हम
यानी
बे-वजह
ग़म
ईजाद
कर
रहे
हैं
हम
Harsh saxena
Send
Download Image
7 Likes
लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
59 Likes
ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
Send
Download Image
24 Likes
हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
Read Full
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
38 Likes
आज
तो
बे-सबब
उदास
है
जी
इश्क़
होता
तो
कोई
बात
भी
थी
Nasir Kazmi
Send
Download Image
31 Likes
Read More
कमाने
का
हुनर
सीखा
है
मैंने
मुहब्बत
दोस्त
यारी
और
रिश्ते
Aniket sagar
Send
Download Image
0 Likes
उस
शहर
के
सब
मकाँ
बंजर
पड़े
हैं
बच्चे
रहते
ही
नहीं
है
जिस
शहर
में
Aniket sagar
Send
Download Image
0 Likes
ओ
कन्हैया
तुम
तो
मेरे
हो
जहाँँ
और
कोई
भी
नहीं
मेरा
यहाँँ
Aniket sagar
Send
Download Image
1 Like
इक
शिकायत
रोज़
रहती
है
मुझे
और
दिल
में
रोज़
ख़लती
है
मुझे
बाप
आँसू
क्यूँ
दिखाता
है
नहीं
बात
'ना'
ही
ये
समझती
है
मुझे
रह
सकोगी
क्या
सनम
मेरे
सिवा
हर
घड़ी
जो
कॉल
करती
है
मुझे
मुस्कुराकर
दिल
चुराती
वो
मेरा
फिर
गले
से
रोज़
लगती
है
मुझे
काश!
मेरी
ज़िन्दगी
खुशहाल
हो
सुन
के
अक्सर
मौत
हँसती
है
मुझे
वो
रक़ीबों
से
हमेशा
मिलती
है
और
आकर
जान
कहती
है
मुझे
शौक़
से
करता
हूँ
सागर
शा'इरी
बस
अता
में
रोज़
मिलती
है
मुझे
Read Full
Aniket sagar
Download Image
0 Likes
जैसे
कोयल
चहचहाती
डाल
पर
वैसे
मानों
बोलती
हैं
बेटियाँ
Aniket sagar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Mehnat Shayari
Tanz Shayari
Jashn Shayari
Dhokha Shayari
Teacher Shayari