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Siddharth Saaz
dukh kam milen is saal tumko us baras se
dukh kam milen is saal tumko us baras se | दुख कम मिलें इस साल तुमको उस बरस से
- Siddharth Saaz
दुख
कम
मिलें
इस
साल
तुमको
उस
बरस
से
ये
साल
तुमको
हौसला
दे
ये
दु'आ
है
- Siddharth Saaz
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मैं
नज़र
से
पी
रहा
था
तो
ये
दिल
ने
बद-दुआ
दी
तिरा
हाथ
ज़िंदगी
भर
कभी
जाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
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अभी
ज़िंदा
है
माँ
मेरी
मुझे
कुछ
भी
नहीं
होगा
मैं
घर
से
जब
निकलता
हूँ
दु'आ
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
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कोई
दवा
न
दे
सके
मशवरा-ए-दुआ
दिया
चारागरों
ने
और
भी
दर्द
दिल
का
बढ़ा
दिया
Hafeez Jalandhari
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जन्मदिन
पर
भी
मुझे
वो
याद
अब
करता
नहीं
इस
ज़माने
में
कोई
इतना
भी
मुफ़्लिस
होगा
क्या
Harsh saxena
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दफ्न
ताबूत
में
कर
तिरी
हर
ख़ुशी
जश्न
कैसे
मनाते
है
मय्यत
पे
भी
ख़ास
तारीख़
थी
इम्तिहाँ
की
मगर
आज
बारात
उसकी
बुला
ली
गई
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Shilpi
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तिरा
दिल
मुस्कुराएगा
दु'आ
है
हमें
भी
तो
भरोसा
है
ख़ुदा
पर
Meem Alif Shaz
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मेरी
दु'आ
है
और
इक
तरह
से
बद्दुआ
भी
है
ख़ुदा
तुम्हें
तुम्हारे
जैसी
बेटियाँ
अता
करे
Tehzeeb Hafi
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दु'आ
में
माँग
लूँ
मैं
उसको
लेकिन
फ़क़त
पाना
मेरा
मक़सद
नहीं
है
Shadab Asghar
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लोग
जिस
हाल
में
मरने
की
दु'आ
करते
हैं
मैं
ने
उस
हाल
में
जीने
की
क़सम
खाई
है
Ameer Qazalbash
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हुस्न
जब
मेहरबाँ
हो
तो
क्या
कीजिए
इश्क़
के
मग़्फ़िरत
की
दु'आ
कीजिए
Khumar Barabankvi
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कौन
सी
दीवार
है
मौजूद
इस
रिश्ते
में
'साज़'
क्यूँँ
नहीं
रो
सकते
हम
अपने
पिता
के
सामने
Siddharth Saaz
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चाँद,
सूरज
और
बादल
देखकर
हँस
रहा
था
एक
पागल
देखकर
मैं
समझता
हूँ
जुनून-ए-इश्क़
भी
दौड़
पड़ता
हूँ
मैं
जंगल
देखकर
वो
शिकारी
पहले
इंसाँ
था
तभी
रो
दिया
था
मुझको
घाइल
देखकर
वो
उठाएगा
नज़र
तो
कोई
भी
डूब
जाएगा
वो
दलदल
देखकर
लम्स
तक
उसके
बदन
का
याद
है
उसकी
याद
आती
है
मख़मल
देखकर
हीरे
तक
के
भाव
कम
होने
लगे
उसकी
वो
चाँदी
की
पायल
देखकर
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Siddharth Saaz
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जब
से
तूने
ये
बोला
था
"बदन
का
क्या
है
मिट्टी
है"
तब
से
तेरी
पीठ
पे
मुझको
हरसिंगार
उगाने
थे
Siddharth Saaz
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चारागरी
दिखा
तू
हमें
अपने
लम्स
की
हमको
गले
लगा
के
हमारा
इलाज
कर
Siddharth Saaz
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उसी
वक़्त
अपने
क़दम
मोड़
लेना
नदी
पार
से
जब
इशारा
करूँँगा
Siddharth Saaz
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