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Aniket sagar
kamaane ka hunar seekha hai maine
kamaane ka hunar seekha hai maine | कमाने का हुनर सीखा है मैंने
- Aniket sagar
कमाने
का
हुनर
सीखा
है
मैंने
मुहब्बत
दोस्त
यारी
और
रिश्ते
- Aniket sagar
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फिर
उसके
बाद
कोई
सिलसिला
नहीं
रक्खा
जिसे
मुआ'फ़
किया,
राब्ता
नहीं
रक्खा
Renu Nayyar
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रिश्तों
को
जब
धूप
दिखाई
जाती
है
सिगरेट
से
सिगरेट
सुलगाई
जाती
है
Ankit Gautam
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टूटते
रिश्तों
से
बढ़कर
रंज
था
इस
बात
का
दरमियाँ
कुछ
दोस्त
थे,
और
दोस्त
भी
ऐसे,
के
बस
Renu Nayyar
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सभी
रिश्तें
मैं
यूँँ
बचाए
हूँ
जैसे
तड़पते
दियों
को
हवा
देते
रहना
Parul Singh "Noor"
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रिश्तों
की
दलदल
से
कैसे
निकलेंगे
हर
साज़िश
के
पीछे
अपने
निकलेंगे
Shakeel Jamali
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सताना
रूठ
जाना
और
मनाना
इश्क़
है
लेकिन
अगर
हद
से
ज़ियादा
हो
तो
रिश्ते
टूट
जाते
हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
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तो
क्या
ये
हो
नहीं
सकता
कि
तुझ
से
दूर
हो
जाऊँँ
मैं
तुझ
को
भूलने
के
वासते
मजबूर
हो
जाऊँ
सुना
है
टूटने
पर
दिल
सभी
कुछ
कर
गुजरते
हैं
मुझे
भी
तोड़
दो
इतना
कि
मैं
मशहूर
हो
जाऊँ
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SHIV SAFAR
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अंदर
की
दुनिया
से
रब्त
बढ़ाओ
'आनिस'
बाहर
खुलने
वाली
खिड़की
बंद
पड़ी
है
Aanis Moin
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कोई
दुनिया
से
कटता
जा
रहा
है
किसी
के
घर
पे
रिश्ते
आ
रहे
हैं
Aarush Sarkaar
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मेरी
जवानी
को
कमज़ोर
क्यूँ
समझते
हो
तुम्हारे
वास्ते
अब
भी
शबाब
बाक़ी
है
ये
और
बात
है
बोतल
ये
गिर
के
टूट
गई
मगर
अभी
भी
ज़रा
सी
शराब
बाक़ी
है
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Paplu Lucknawi
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हाथ
से
मेहनत
करे
मज़दूर
है
कौन
कहता
हैं
कि
वो
मजबूर
है
चाय
की
टपरी
पे
बच्चा
तो
वही
नाम
छोटू
से
बड़ा
मशहूर
है
शौक़
से
करता
नहीं
मैं
नौकरी
घर
चलाने
का
यहीं
दस्तूर
है
सिलसिला
ग़म
का
चलेगा
उम्रभर
वो
ख़ुशी
का
दौर
काफ़ी
दूर
है
दिल
ज़ियादा
प्यार
में
पड़ता
नहीं
वो
उसी
के
दर्द
में
मख्मूर
है
शा'इरी
में
बोलता
सागर
तभी
शा'इरी
में
आज
उसका
नूर
है
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Aniket sagar
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ज़रा
सी
बे-वफ़ाई
याद
कर
लेना
तलाशेगी
मुझे
तेरी
नज़र
जब
भी
Aniket sagar
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इक
शिकायत
रोज़
रहती
है
मुझे
और
दिल
में
रोज़
ख़लती
है
मुझे
बाप
आँसू
क्यूँ
दिखाता
है
नहीं
बात
'ना'
ही
ये
समझती
है
मुझे
रह
सकोगी
क्या
सनम
मेरे
सिवा
हर
घड़ी
जो
कॉल
करती
है
मुझे
मुस्कुराकर
दिल
चुराती
वो
मेरा
फिर
गले
से
रोज़
लगती
है
मुझे
काश!
मेरी
ज़िन्दगी
खुशहाल
हो
सुन
के
अक्सर
मौत
हँसती
है
मुझे
वो
रक़ीबों
से
हमेशा
मिलती
है
और
आकर
जान
कहती
है
मुझे
शौक़
से
करता
हूँ
सागर
शा'इरी
बस
अता
में
रोज़
मिलती
है
मुझे
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Aniket sagar
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बता
दे
कौन
सी
है
राह
मुर्शिद
तू
मुझे
बाहर
निकलना
है
मोहब्बत
से
Aniket sagar
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सजी
है
दिल
में
इक
तस्वीर
तेरी
उसी
से
ज़िंदगी
बहला
रहा
हूँ
Aniket sagar
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