kahii zameen ke paar aur aasmaan ke paar | कहीं ज़मीन के पार और आसमान के पार

  - Amit Satpal Tanwar
कहींज़मीनकेपारऔरआसमानकेपार
परिंदेढूँडरहेहैंघरइसजहानकेपार
मैंथकचुकाहूँतिराइंतिज़ारकरतेहुए
मगरपुकाररहाहैकोईथकानकेपार
बिछड़केरोरहाहैइसक़दरकहानीसे
पहुँचगयाथावोकिरदारदास्तानकेपार
मैंतेरेवस्लकीशिद्दतसेख़ूबवाक़िफ़हूँ
मुझेमिलोतोमिलोजिस्मकेमकानकेपार
तुम्हारेज़िक्रकामेआ'रख़ूबगहराहै
ख़मोशियोंसेकहींआगेइसज़बानकेपार
यक़ींकाहाथपकड़लोयेमशवराहैमिरा
बसएकउजड़ाहुआदश्तहैगुमानकेपार
  - Amit Satpal Tanwar
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