hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amit Satpal Tanwar
kuchh aise vasl ki raatein guzaari hai main ne
kuchh aise vasl ki raatein guzaari hai main ne | कुछ ऐसे वस्ल की रातें गुज़ारी है मैं ने
- Amit Satpal Tanwar
कुछ
ऐसे
वस्ल
की
रातें
गुज़ारी
है
मैं
ने
तमाम
शब
तेरी
सूरत
निहारी
है
मैं
ने
अभी
से
सारा
समुंदर
उछाल
मारता
है
अभी
तो
दरिया
में
कश्ती
उतारी
है
मैं
ने
ये
सारे
रस्ते
मुझे
खींचने
लगे
है
अब
कुछ
इतना
चीख़
के
मंज़िल
पुकारी
है
मैं
ने
तमाम-उम्र
तिरी
जुस्तुजू
रही
मुझ
को
तमाम-उम्र
सफ़र
में
गुज़ारी
है
मैं
ने
- Amit Satpal Tanwar
Download Ghazal Image
तू
दिल
पे
बोझ
ले
के
मुलाक़ात
को
न
आ
मिलना
है
इस
तरह
तो
बिछड़ना
क़ुबूल
है
Unknown
Send
Download Image
52 Likes
नहीं
निगाह
में
मंज़िल,
तो
जुस्तजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
41 Likes
यूँँ
न
कर
वस्ल
के
लम्हों
को
हवस
से
ता'बीर
चंद
पत्ते
ही
तो
तोड़े
हैं
शजर
से
मैं
ने
Khurram Afaq
Send
Download Image
27 Likes
मेहरबाँ
हम
पे
हर
इक
रात
हुआ
करती
थी
आँख
लगते
ही
मुलाक़ात
हुआ
करती
थी
हिज्र
की
रात
है
और
आँख
में
आँसू
भी
नहीं
ऐसे
मौसम
में
तो
बरसात
हुआ
करती
थी
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
136 Likes
हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
है
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
Vipul Kumar
Send
Download Image
44 Likes
नज़दीकी
अक्सर
दूरी
का
कारन
भी
बन
जाती
है
सोच-समझ
कर
घुलना-मिलना
अपने
रिश्ते-दारों
में
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
34 Likes
ये
भी
मुमकिन
है
मियाँ
आँख
भिगोने
लग
जाऊँ
वो
कहे
कैसे
हो
तुम
और
मैं
रोने
लग
जाऊँ
ऐ
मेरी
आँख
में
ठहराए
हुए
वस्ल
के
ख़्वाब
मैं
तवातुर
से
तेरे
साथ
न
सोने
लग
जाऊँ
Read Full
Ejaz Tawakkal Khan
Send
Download Image
24 Likes
यार
ने
हम
से
बे-अदाई
की
वस्ल
की
रात
में
लड़ाई
की
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
39 Likes
नाप
रहा
था
एक
उदासी
की
गहराई
हाथ
पकड़कर
वापस
लायी
है
तन्हाई
वस्ल
दिनों
को
काफ़ी
छोटा
कर
देता
है
हिज्र
बढ़ा
देता
है
रातों
की
लम्बाई
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
58 Likes
पकड़
में
आती
नहीं
है
कभी
वो
शाख़-ए-विसाल
हम
एक
बोस-ए-गुल
के
लिए
तरसते
हैं
Subhan Asad
Send
Download Image
25 Likes
Read More
कहने
वाले
कह
जाते
हैं
सहने
वाले
ढह
जाते
हैं
प्यासा
प्यास
बुझा
लेता
है
दरिया
प्यासे
रह
जाते
हैं
इतना
मत
रो
आँसू
के
साथ
ख़्वाब
भी
अक्सर
बह
जाते
हैं
Read Full
Amit Satpal Tanwar
Download Image
0 Likes
ये
सन्नाटा
है
मैं
हूँ
चाँदनी
में
मज़ा
भी
ख़ूब
है
आवारगी
में
लबों
पर
मुस्कुराहट
गाल
गीले
तिरा
ग़म
घुल
गया
मेरी
ख़ुशी
में
ज़रा
सी
देर
को
खिड़की
जो
खोले
फ़रिश्ते
घू
मेंगे
उस
की
गली
में
घड़ी
के
पैर
थकते
ही
नहीं
क्या
घड़ी
ईजाद
की
थी
किस
घड़ी
में
जो
मिट्टी
के
बनाए
थे
ख़ुदा
ने
ये
ऐसे
लोग
है
कूज़ा-गरी
में
जो
बुत-ख़ाने
में
तुझ
को
सोच
लें
तो
भटक
जाते
हैं
रस्ता
बंदगी
में
मिरी
पहली
मोहब्बत
तुम
थी
जानाँ
तुम्हें
ज़िंदा
रखूँगा
शाइ'री
में
Read Full
Amit Satpal Tanwar
Download Image
0 Likes
लाश
की
तरह
हो
चुका
हूँ
मैं
जाने
किस
तरह
जी
रहा
हूँ
मैं
ख़ुद
के
अंदर
ही
क़ैद
हो
बैठा
अपने
पिंजरे
में
ही
पड़ा
हूँ
मैं
सिर्फ़
यादें
मिलेंगी
कमरे
में
अब
यहाँ
से
चला
गया
हूँ
मैं
कौन
मुझ
को
घुमाता
रहता
है
किस
की
उँगली
पे
नाचता
हूँ
मैं
मैं
जो
मंज़िल
पे
ख़ुद
नहीं
पहुँचा
उसी
मंज़िल
का
रास्ता
हूँ
मैं
आँसू
मेरी
हँसी
उड़ाते
है
मुस्कुराहट
पे
रो
लिया
हूँ
मैं
ज़हर
यूँँ
ही
पिएगा
अब
मुझ
को
हुआ
यूँँ
ज़हर
पी
चुका
हूँ
मैं
रूह
से
कुछ
ख़रीदना
है
मुझे
जिस्म
को
साँसें
बेचता
हूँ
मैं
खो
दिया
रौशनी
में
अपना
वजूद
अब
अँधेरों
में
ढूँढता
हूँ
मैं
मेरे
पीछे
कोई
न
रोएगा
मौत
के
साथ
जा
रहा
हूँ
मैं
Read Full
Amit Satpal Tanwar
Download Image
0 Likes
तुम्हारे
लब
पे
नाम
आया
हमारा
उसी
से
नाम
भी
चमका
हमारा
घरों
से
निकले
थे
पगडंडियों
पर
सफ़र
में
मिल
गया
रस्ता
हमारा
जो
मेरा
ग़म
मिटा
सकता
था
यारों
उसी
ने
ग़म
नहीं
समझा
हमारा
Read Full
Amit Satpal Tanwar
Download Image
0 Likes
पहले
तो
रौशनी
हुई
ईजाद
बा'द
में
तीरगी
हुई
ईजाद
शाम
तक
आसमान
सोना
था
रात
को
चाँदनी
हुई
ईजाद
पहले
सूरज
ने
धूप
बाँटी
फिर
पेड़
भी
छाँव
भी
हुई
ईजाद
रब
ने
तुझ
को
बनाया
फिर
सोचा
हाए
क्या
सादगी
हुई
ईजाद
पहले
आई
कुएँ
पे
पिनहारन
फिर
मिरी
प्यास
भी
हुई
ईजाद
Read Full
Amit Satpal Tanwar
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Chaand Shayari
Kisaan Shayari
Broken Shayari
Bimari Shayari
Basant Shayari