us ke kangan se mohabbat ki khanak aati hai | उस के कंगन से मोहब्बत की खनक आती है

  - Ambuj Shrivastava
उसकेकंगनसेमोहब्बतकीखनकआतीहै
ज़र्द-रूरातोंमेंचंदनकीमहकआतीहै
भीड़मेंगुमहुएबच्चेकीतरहमेरादिल
देखलूँमाँकोतोआँखोंमेंचमकआतीहै
गाँवकाघरघरकेआँगनमेंखिलीवोतुलसी
घरसेअबपाँवबढ़ाताहूँसड़कआतीहै
ज़िक्रहोताहैतिराजबभीकिसीमहफ़िलमें
मौतक़दमोंसेयेसीनेपेसरकआतीहै
दफ़्नहैंकितनेमोहब्बतकेफ़सानेउसपर
गाँवसेलड़केशहरकोजोसड़कआतीहै
  - Ambuj Shrivastava
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