gir pade daant hue moo-e-sar ai yaar safed | गिर पड़े दाँत हुए मू-ए-सर ऐ यार सफ़ेद

  - Amanat Lakhnavi
गिरपड़ेदाँतहुएमू-ए-सरयारसफ़ेद
क्यूँँहोख़ौफ़-ए-अजलसेयेसियहकारसफ़ेद
दोक़दमफ़र्त-ए-नज़ाकतसेनहींचलसकता
रंगहोजाताहैउसकादम-ए-रफ़्तारसफ़ेद
उसमसीहाकीजोआँखेंहुईंगुलज़ारमेंसुर्ख़
होगईख़ौफ़सेबसनर्गिस-ए-बीमारसफ़ेद
गुल-ए-नसरींकोनहींजोशचमनमेंबुलबुल
हैनज़ाकतकेसबबचेहरा-ए-गुलज़ारसफ़ेद
घरमिरेशबकोजोवोरश्क-ए-क़मरनिकला
होगएपरतव-ए-रुख़सेदरदीवारसफ़ेद
लबदंदाँकेतसव्वुरमेंजोरोयामैंकभी
अश्कदो-चारबहेसुर्ख़तोदो-चारसफ़ेद
हुईसरसब्ज़जोसोहबतमें'अमानत'कीग़ज़ल
रंगदुश्मनकाहुआरश्कसेइकबारसफ़ेद
  - Amanat Lakhnavi
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