zamzama kis ki zabaan par b-dil-e-shaad aaya | ज़मज़मा किस की ज़बाँ पर ब-दिल-ए-शाद आया

  - Amanat Lakhnavi
ज़मज़माकिसकीज़बाँपरब-दिल-ए-शादआया
मुँहखोलाथाकिपरबाँधनेसय्यादआया
क़दजोबूटासातिरासर्व-ए-रवाँयादआया
ग़शपेग़शमुझकोचमनमेंतह-ए-शमशादआया
लेउड़ीदिलकोसू-ए-दश्तहवा-ए-वहशत
फिरयेझोंकामुझेकरदेनेकोबर्बादआया
किसक़दरदिलसेफ़रामोशकिया'आशिक़को
कभीआपकोभूलेसेभीमैंयादआया
दिलहुआसर्व-ए-गुलिस्ताँकेनज़ारेसेनिहाल
शजर-ए-क़ामत-ए-दिलदारमुझेयादआया
होगईक़त्अअसीरीमेंउमीद-ए-परवाज़
उड़गएहोशजोपरकाटनेसय्यादआया
होगयाहसरत-ए-परवाज़मेंदिलसौटुकड़े
हमनेदेखाजोक़फ़सकोतोफ़लकयादआया
  - Amanat Lakhnavi
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