dikhlaaye KHuda us sitam-iijaad ki soorat | दिखलाए ख़ुदा उस सितम-ईजाद की सूरत

  - Amanat Lakhnavi
दिखलाएख़ुदाउससितम-ईजादकीसूरत
इस्तादाहैंहमबाग़मेंशमशादकीसूरत
यादआतीहैबुलबुलपेजोबेदादकीसूरत
रोदेताहूँमैंदेखकेसय्यादकीसूरत
आज़ादतिरेगुल-ए-तरबाग़-ए-जहाँमें
बे-जाह-ओ-हशमशादहैंशमशादकीसूरत
जोगेसू-ए-जानाँमेंफँसाफिरछुटावो
हैंक़ैदमेंफिरख़ूबहैमीआदकीसूरत
खींचेंगेमिरेआईना-रुख़्सारकीतस्वीर
देखेतोकोईमानी-ओ-बहज़ादकीसूरत
गालीकेसिवाहाथभीचलताहैअबउनका
हररोज़नईहोतीहैबेदादकीसूरत
किसतरह'अमानत'रहूँग़मसेमैंदिल-गीर
आँखोंमेंफिराकरतीहैउस्तादकीसूरत
  - Amanat Lakhnavi
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