hain jalwa-e-tan se dar-o-deewar basanti | हैं जल्वा-ए-तन से दर-ओ-दीवार बसंती

  - Amanat Lakhnavi
हैंजल्वा-ए-तनसेदर-ओ-दीवारबसंती
पोशाकजोपहनेहैमिरायारबसंती
क्याफ़स्ल-ए-बहारीनेशगूफ़ेहैंखिलाए
माशूक़हैंफिरतेसर-ए-बाज़ारबसंती
गेंदाहैखिलाबाग़मेंमैदानमेंसरसों
सहरावोबसंतीहैयेगुलज़ारबसंती
उसरश्क-ए-मसीहाकाजोहोजाएइशारा
आँखोंसेबनेनर्गिस-ए-बीमारबसंती
गेंदोंकेदरख़्तोंमेंनुमायाँनहींगेंदे
हरशाख़केसरपरहैयेदस्तारबसंती
मुँहज़र्ददुपट्टेकेआँचलसेछुपाओ
होजाएरंग-ए-गुल-ए-रुख़्सारबसंती
खिलतीहैमिरेशोख़पेहररंगकीपोशाक
ऊदी,अगरी,चम्पई,गुलनार,बसंती
हैलुत्फ़हसीनोंकीदो-रंगीका'अमानत'
दोचारगुलाबीहोंतोदोचारबसंती
  - Amanat Lakhnavi
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