sabz hai pairhan chaand ka aaj phir | सब्ज़ है पैरहन चाँद का आज फिर

  - Alok Yadav
सब्ज़हैपैरहनचाँदकाआजफिर
रंग-ए-रुख़्सारहैसुर्ख़साआजफिर
करगईकामतेरीअदाआजफिरसहन-ए-गुलनेकहामर्हबाआजफिर
तेरेपैकरकोछूकरचलीआईहै
मरमरींहैबदनरातकाआजफिर
लेकेआग़ोशमेंचाँदकोआसमाँ
मुँहज़मींकोचिढ़ातारहाआजफिर
यादचंदन-वनोंसेगुज़रतीरही
मनमेंसंदलमहकतारहाआजफिर
दिलकीनाकामियाँहीख़ता-वारहैं
वोगुनाहोंकाहैदेवताआजफिर
चाँदसूरजहुएआमने-सामने
इम्तिहाँसागरोंकारहाआजफिर
आओ'आलोक'सैर-ए-चमनकोचलें
उठकेआईहैकालीघटाआजफिर
  - Alok Yadav
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