hisaar-e-aashiqi men vajd ki haalat men rehta hooñ | हिसार-ए-आशिक़ी में वज्द की हालत में रहता हूँ

  - Alok Yadav
हिसार-ए-आशिक़ीमेंवज्दकीहालतमेंरहताहूँ
बहारेंमुझमेंख़ेमा-ज़नहैंमैंराहतमेंरहताहूँ
कभीमसरूफ़थामैंआज-कलफ़ुर्सतमेंरहताहूँ
अकेलाहूँसोअपनीज़ातकीवुसअ'तमेंरहताहूँ
जोतूनेआगबख़्शीहैउसीमेंजलरहाहूँमैं
हैतेरेक़ुर्बकीचाहतइसीचाहतमेंरहताहूँ
कुछपानेकीहसरतहैकुछखोनेकाख़तराहै
बहुतबे-ख़ौफ़होकरमैंतिरीसोहबतमेंरहताहूँ
निकलआयाहूँमैं'आलोक'दुनियाकेझमेलोंसे
नईबेदारियाँहैंफ़िक्रकीजन्नतमेंरहताहूँ
  - Alok Yadav
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