bhatka karunga kab tak raahon men teri aa kar | भटका करूँँगा कब तक राहों में तेरी आ कर

  - Alok Yadav
भटकाकरूँँगाकबतकराहोंमेंतेरीकर
तुझकोभुलासुकूँमैंमेरेलिएदु'आकर
कबतकयेतेरीहसरतकबतकयेमेरीवहशत
इनसारीबंदिशोंसेमुझकोकभीरिहाकर
एकउम्रसेतुझेमैंबे-उज़्रपीरहाहूँ
तूभीतोप्यासमेरीजामपीलियाकर
कलरातज़िंदगीयेमुझसेतड़पकेबोली
कुछदेरकोतोहोकरमेराभीतूरहाकर
रिश्तेकईसुनहरेइसज़िंदगीसेपाए
रक्खामगरहमनेउनकोकभीबचाकर
दिलकेखंडरसेपंछीयादोंकेजापाए
देखाहैहमनेउनकोकितनीहीबारउड़ाकर
वोक़ुर्बहोकिदूरीसबख़्वाहिशेंअधूरी
'आलोक'गएहैंदरियामेंहमबहाकर
  - Alok Yadav
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