अंजुमनमेंजोमिरीइतनीज़ियाहैसाहब
ख़ून-ए-दिलमेरेचराग़ोंकीग़िज़ाहैसाहब
बुत-शिकननिकलावहीसमझाथाजिसकोबुत-गर
जिसमेंरहताथावहीतोड़गयाहैसाहब
आँखसेआँसूचुरालेगयालेकिनवोशख़्स
बे-गुहरसीपयहींछोड़गयाहैसाहब
मुझकोजन्नतकेनज़ारेभीनहींजचतेहैं
शहर-ए-जानाँहीतसव्वुरमेंबसाहैसाहब
रेगज़ारोंकेसफ़रपेजोचलेहो'आलोक',
कोईआँखोंमेंलिएअश्कखड़ाहैसाहब