siyaasi raah men andeshaa-e-laghzish bahut hai | सियासी राह में अंदेशा-ए-लग़्ज़िश बहुत है

  - Alok Yadav
सियासीराहमेंअंदेशा-ए-लग़्ज़िशबहुतहै
तुझेबर्बादकरनेकोतिरीख़्वाहिशबहुतहै
अदा-कारीरिया-कारीफ़रेब-ओ-मक्रसीखो
सियासतमेंइन्हींऔसाफ़सेपुर्सिशबहुतहै
येदिल्लीहैदलालोंकीयहाँसबकामहोंगे
तुम्हारीजेबहोभारीतोआसाइशबहुतहै
कभीजोपूछलेतेहोहमाराहालहमसे
तुम्हारेदिलमेंयेथोड़ीसीगुंजाइशबहुतहै
कहूँकुछशे'रऐसेजोउतरजाएँदिलोंमें
मिरेमौलामुझेइतनीतिरीबख़्शिशबहुतहै
  - Alok Yadav
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