baaz khat pur-asar bhi hote hain | बाज़ ख़त पुर-असर भी होते हैं

  - Alok Yadav
बाज़ख़तपुर-असरभीहोतेहैं
नामा-बरचारा-गरभीहोतेहैं
हुस्नकीदिलकशीपेनाज़कर
आइनेबद-नज़रभीहोतेहैं
तुमहुएहम-सफ़रतोयेजाना
रास्तेमुख़्तसरभीहोतेहैं
जानदेनेमेंसर-बुलंदीहै
प्यारकामोलसरभीहोतेहैं
इकहमींमुंतज़िरनहीं'आलोक'
मुंतज़िरबाम-ओ-दरभीहोतेहैं
  - Alok Yadav
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