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Jaun Elia
jo guzaari na ja saki ham se
jo guzaari na ja saki ham se | जो गुज़ारी न जा सकी हम से
- Jaun Elia
जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
- Jaun Elia
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कटती
है
आरज़ू
के
सहारे
पे
ज़िंदगी
कैसे
कहूँ
किसी
की
तमन्ना
न
चाहिए
Shaad Arfi
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आस्था
का
रंग
आ
जाए
अगर
माहौल
में
एक
राखी
ज़िंदगी
का
रुख़
बदल
सकती
है
आज
Unknown
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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आएगा
वो
दिन
हमारी
ज़िंदगी
में
भी
ज़रूर
जो
अँधेरों
को
मिटा
कर
रौशनी
दे
जाएगा
Anwar Taban
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तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
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Faiz Ahmad Faiz
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ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
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Anwar Shaoor
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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ज़िंदगी
एक
फ़न
है
लम्हों
को
अपने
अंदाज़
से
गँवाने
का
Jaun Elia
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न
लौटोगे
कभी
तुम
जानता
हूँ
ये
मेरी
ज़िंदगी
है
फ़िल्म
थोड़ी
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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मैं
ख़ुद
ये
चाहता
हूँ
कि
हालात
हों
ख़राब
मेरे
ख़िलाफ़
ज़हर
उगलता
फिरे
कोई
ऐ
शख़्स
अब
तो
मुझ
को
सब
कुछ
क़ुबूल
है
ये
भी
क़ुबूल
है
कि
तुझे
छीन
ले
कोई
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Jaun Elia
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कोई
मुझ
तक
पहुँच
नहीं
पाता
इतना
आसान
है
पता
मेरा
Jaun Elia
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नया
इक
रिश्ता
पैदा
क्यूँँ
करें
हम
?
बिछड़ना
है
तो
झगड़ा
क्यूँँ
करें
हम?
Jaun Elia
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कल
दोपहर
अजीब
इक
बेदिली
रही
बस
तिल्लियाँ
जलाकर
बुझाता
रहा
हूँ
मैं
Jaun Elia
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सुब्ह
तक
वज्ह-ए-जाँ-कनी
थी
जो
बात
मैं
उसे
शाम
ही
को
भूल
गया
Jaun Elia
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