laaun main kahaan se bhala andaaz-e-bayaan aur | लाऊँ मैं कहाँ से भला अंदाज़-ए-बयाँ और

  - Alok Yadav
लाऊँमैंकहाँसेभलाअंदाज़-ए-बयाँऔर
मुंसिफ़कीज़बाँऔरहैऔरमेरीज़बाँऔर
येदर्दसमझतानहींआदाब-ए-ज़माना
कोशिशहोछुपानेकीतोहोताहैअयाँऔर
क़िस्मतकालिखामानलेथोड़ेसेज़ियाँको
जाएगाअदालतमेंतोपाएगाज़ियाँऔर
तफ़्सीलबयाँकरताहैक्यूँअपनेअमलकी
इसतरहतोहरशख़्सपेगुज़रेगागुमाँऔर
मंज़िलपेपहुँचकरहुआदिलजोमिराख़ुश
पूछीजोवज्हउसनेकहाऔरअमाँऔर
तुमसेभीकहाँमुझकोसमाअ'तकीतवक़्क़ो
मुझमेंभीकहाँबाक़ीहैअबताब-ए-फ़ुग़ाँऔर
येज़ुल्मकेशो'लेहैंफ़क़तख़ूँसेबुझेंगे
अश्कोंसेबुझाओगेतोउट्ठेगाधुआँऔर
  - Alok Yadav
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