लाऊँमैंकहाँसेभलाअंदाज़-ए-बयाँऔर
मुंसिफ़कीज़बाँऔरहैऔरमेरीज़बाँऔर
येदर्दसमझतानहींआदाब-ए-ज़माना
कोशिशहोछुपानेकीतोहोताहैअयाँऔर
क़िस्मतकालिखामानलेथोड़ेसेज़ियाँको
जाएगाअदालतमेंतोपाएगाज़ियाँऔर
तफ़्सीलबयाँकरताहैक्यूँअपनेअमलकी
इसतरहतोहरशख़्सपेगुज़रेगागुमाँऔर
मंज़िलपेपहुँचकरनहुआदिलजोमिराख़ुश
पूछीजोवज्हउसनेकहाऔरअमाँऔर
तुमसेभीकहाँमुझकोसमाअ'तकीतवक़्क़ो
मुझमेंभीकहाँबाक़ीहैअबताब-ए-फ़ुग़ाँऔर
येज़ुल्मकेशो'लेहैंफ़क़तख़ूँसेबुझेंगे
अश्कोंसेबुझाओगेतोउट्ठेगाधुआँऔर