bujhe chiraag se umeed-e-roshni karna | बुझे चिराग़ से उम्मीद-ए-रोशनी करना

  - Ali Mohammed Shaikh
बुझेचिराग़सेउम्मीद-ए-रोशनीकरना
किसीहजरकेसामनेहैबंदगीकरना
बुलंदनिगाहोंसेहमनेलड़ीलड़ाईजब
झुकीनिगाहसेगिरकेक्याख़ुदकशीकरना
गरीबलोगोंकोइसकिकहाँइज़ाजतहै
अमीरघरमेंमोहब्बतकीनौकरीकरना
जोरातहोगीनज़रसेउसेगिरादेगी
दिएकीआफ़ताबसेयेहमसेरीकरना
नाजानेइससेतुम्हेंक्याएजाज़मिलताहै
हमेशाशानमेंमेरी,तेराकमीकरना
  - Ali Mohammed Shaikh
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