aankhoñ men ashk bhar ke mujh se nazar mila ke | आँखों में अश्क भर के मुझ से नज़र मिला के

  - Ali Jawwad Zaidi
आँखोंमेंअश्कभरकेमुझसेनज़रमिलाके
नीचीनिगाहउट्ठीफ़ित्नेनएजगाके
मैंरागछेड़ताहूँईमा-ए-हुस्नपाके
देखोतोमेरीजानिबइकबारमुस्कुराके
दुनिया-ए-मस्लहतकेयेबंदक्याथमेंगे
बढ़जाएगाज़मानातूफ़ाँनएउठाके
जबछेड़तीहैंउनकोगुमनामआरज़ुएँ
वोमुझकोदेखतेहैंमेरीनज़रबचाके
दीदारकीतमन्नाकलरातरखरहीथी
ख़्वाबोंकीरह-गुज़रमेंशमएँजलाजलाके
दूरीनेलाखजल्वेतख़्लीक़करलिएथे
फिरदूरहोगएहमतेरेक़रीबके
शाम-ए-फ़िराक़ऐसामहसूसहोरहाहै
हरएकशयगँवादीहरएकशयकोपाके
आईहैयादजिनकीतूफ़ान-ए-दर्दबनके
वोज़ख़्ममैंनेअक्सरखाएहैंमुस्कुराके
मेरीनिगाह-ए-ग़ममेंशिकवेहीसबनहींहैं
इकबारइधरतोदेखोनीचीनज़रउठाके
येदुश्मनीहैसाक़ीयादोस्तीहैसाक़ी
औरोंकोजामदेनामुझकोदिखादिखाके
दिलकेक़रीबशायदतूफ़ानउठरहेहों
देखोतोशे'र'ज़ैदी'इकरोज़गुनगुनाके
  - Ali Jawwad Zaidi
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