bosida khudshaat ka malba door kahii dafnaao | बोसीदा ख़दशात का मलबा दूर कहीं दफ़नाओ

  - Ali Akbar Abbas
बोसीदाख़दशातकामलबादूरकहींदफ़नाओ
जिस्मोंकीइसशहर-ए-पनाहमेंताज़ाशहरबसाओ
सारेजिस्मकारेशारेशासोचकीक़ुव्वतपाए
फिरहरसाँसकाहासिलचाहेसदियोंपरफैलाओ
अपनाआपनहींहैसबकुछअपनेआपसेनिकलो
बदबूएँफैलादेताहैपानीकाठहराव
मुद्दतसेक्यूँँचाटरहेहोलफ़्ज़ोंकीदीवारें
सीनेमेंमख़्फ़ीख़ाकोंकीवाज़ेहशक्लबनाओ
अपनाअपनाकफ़नउतारेंलाशेंउड़तीजाएँ
प्यासीज़बाँनिकालेधरतीचाटेअपनेघाव
  - Ali Akbar Abbas
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