zaraa hate to vo mehwar se toot kar hi rahe | ज़रा हटे तो वो मेहवर से टूट कर ही रहे

  - Ali Akbar Abbas
ज़राहटेतोवोमेहवरसेटूटकरहीरहे
हवानेनोचाउन्हेंयूँँकिबसबिखरहीरहे
हैंबे-निशाँजोउड़ेथेबगूला-ज़दहोकर
ज़मींपेलेटनेवालेज़मीनपरहीरहे
बहारझाड़ियोंपरटूटटूटकरबरसी
दुआएँमाँगतेअश्जारबे-समरहीरहे
ख़ुशायेसायाख़ुश्बूकिताइर-ए-ख़ुश-रंग
फिरयेवक़्तरहेऔरयेशजरहीरहे
बनाएँऐसामकाँअबकिचाँदऔरसूरज
जिधरभीजाएँमगररौशनीइधरहीरहे
  - Ali Akbar Abbas
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