rooh ki baat sune jism ke tevar dekhe | रूह की बात सुने जिस्म के तेवर देखे

  - Ali Abbas Ummeed
रूहकीबातसुनेजिस्मकेतेवरदेखे
इल्तिजाहैकिवोइसआगमेंजलकरदेखे
तुमवोदरियाकिचढ़ेभीतोघड़ीभरकेलिए
मैंवोक़तराहूँजोगिरकेभीसमुंदरदेखे
चुभतामाहौलघुटीरूहगुरेज़ाँलम्हे
दिलकीहसरतहैकभीउनसेनिकलकरदेखे
एकनक़्शेपेज़मानारहाहंगाम-ए-विसाल
शीशा-ए-जिस्ममेंसौतरहकेमंज़रदेखे
कैसेकरलेवोयक़ींतुझपेफ़रेब-ए-ग़म-ए-ज़ात
तेरीराहोंमेंजोतश्कीककेपत्थरदेखे
बातहोसिर्फ़हक़ीक़तकीतोसहलेलेकिन
अपनेख़्वाबोंकोबिखरतेकोईक्यूँँकरदेखे
हमसेमतपूछिएक्यानफ़्सपेगुज़री'उम्मीद'
एकइकसाँससेलड़तेहुएलश्करदेखे
  - Ali Abbas Ummeed
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy