haath pakad le ab bhi teraa ho saka hooñ main | हाथ पकड़ ले अब भी तेरा हो सकता हूँ मैं

  - Alam Khursheed
हाथपकड़लेअबभीतेराहोसकताहूँमैं
भीड़बहुतहैइसमेलेमेंखोसकताहूँमैं
पीछेछूटेसाथीमुझकोयादजातेहैं
वर्नादौड़मेंसबसेआगेहोसकताहूँमैं
कबसमझेंगेजिनकीख़ातिरफूलबिछाताहूँ
राहगुज़रमेंकाँटेभीतोबोसकताहूँमैं
इकछोटासाबच्चामुझमेंअबतकज़िंदाहै
छोटीछोटीबातपेअबभीरोसकताहूँमैं
सन्नाटेमेंदहशतहरपलगूँजाकरतीहै
इसजंगलमेंचैनसेकैसेसोसकताहूँमैं
सोचसमझकरचट्टानोंसेउलझाहूँवर्ना
बहतीगंगामेंहाथोंकोधोसकताहूँमैं
  - Alam Khursheed
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