bah raha tha ek dariyaa KHvaab men | बह रहा था एक दरिया ख़्वाब में

  - Alam Khursheed
बहरहाथाएकदरियाख़्वाबमें
रहगयामैंफिरभीतिश्नाख़्वाबमें
जीरहाहूँऔरदुनियामेंमगर
देखताहूँऔरदुनियाख़्वाबमें
इसज़मींपरतूनज़रआतानहीं
बसगयाहैजोसरापाख़्वाबमें
रोज़आताहैमिराग़मबाँटने
आसमाँसेइकसिताराख़्वाबमें
मुद्दतोंसेदिलहैउसकामुंतज़िर
कोईवा'दाकरगयाथाख़्वाबमें
क्यायक़ींजाएगाउसशख़्सको
उसकीबाबतजोभीदेखाख़्वाबमें
एकबस्तीहैजहाँख़ुशहैंसभी
देखलेताहूँमैंक्याक्याख़्वाबमें
अस्लदुनियामेंतमाशेकमहैंक्या
क्यूँँनज़रआएतमाशाख़्वाबमें
खोलकरआँखेंपशेमाँहूँबहुत
खोगयाजोकुछमिलाथाख़्वाबमें
क्याहुआहैमुझको'आलम'इनदिनों
मैंग़ज़लकहतानहींथाख़्वाबमें
  - Alam Khursheed
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