zawaal men bhi raha dil-nasheen nazaara mira | ज़वाल में भी रहा दिल-नशीं नज़ारा मिरा

  - Alam Khursheed
ज़वालमेंभीरहादिल-नशींनज़ारामिरा
मिरेहीसाथगिराटूटकेसितारामिरा
किसीपेरम्ज़मिरीबातकीखुलीहीनहीं
कामआयामिरेकोईइस्तिआ'रामिरा
यक़ींकिसीकोआयामैंडूबसकताहूँ
समझरहेथेअगरचेसभीइशारामिरा
नदीकीतरहकिनाराभीकाटताहूँमैं
किसीहिसारमेंहोतानहींगुज़ारामिरा
येबातजानकेहैरतनहींहुईमुझको
किमेरीआगसेरौशनरहासितारामिरा
रोकपाईमुझेमौजोंकीकोईसाज़िश
रवाँ-दवाँहैअभीझीलमेंशिकारामिरा
अभीसेसम्तबदलनेलगामैंक्यूँँ'आलम'
अभीतोदूरबहुतदूरहैकिनारामिरा
  - Alam Khursheed
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