taarikee men zinda rahna ham ko nahin manzoor | तारीकी में ज़िंदा रहना हम को नहीं मंज़ूर

  - Alam Khursheed
तारीकीमेंज़िंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
जुगनूसाताबिंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
इकपलकोहीचमकेंलेकिनबिजलीसीलहराएँ
राखतलेपाइंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
नग़्माछेड़ेंसाज़बजाएँअपनेदिलकाहम
मौसमकासाज़िंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
हमआज़ादपरिंदेसारीदुनियाअपनीहै
ख़ित्तेकाबाशिंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
दस्त-ओ-गरेबाँहालसेहैंहमफ़र्दारौशनहो
माज़ीमेंरख़्शंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
दिलकेवसीलेसेहीहमनेसबकुछपायाहै
अक़्लतिराकारिंदारहनाहमकोनहींमंज़ूर
  - Alam Khursheed
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