thapak thapak ke jinhen ham sulaate rahte hain | थपक थपक के जिन्हें हम सुलाते रहते हैं

  - Alam Khursheed
थपकथपककेजिन्हेंहमसुलातेरहतेहैं
वोख़्वाबहमकोहमेशाजगातेरहतेहैं
उमीदेंजागतीरहतीहैंसोतीरहतीहैं
दरीचेशम्अजलातेबुझातेरहतेहैं
जानेकिसकाहमेंइंतिज़ाररहताहै
किबाम-ओ-दरकोहमेशासजातेरहतेहैं
किसीकोढूँडतेहैंहमकिसीकेपैकरमें
किसीकाचेहराकिसीसेमिलातेरहतेहैं
वोनक़्श-ए-ख़्वाबमुकम्मलकभीनहींहोता
तमामउम्रजिसेहमबनातेरहतेहैं
उसीकाअक्सहरइकरंगमेंझलकताहै
वोएकदर्दजिसेसबछुपातेरहतेहैं
हमेंख़बरहैकभीलौटकरआएँगे
गएदिनोंकोमगरहमबुलातेरहतेहैं
येखेलसिर्फ़तुम्हींखेलतेनहीं'आलम'
सभीख़लामेंलकीरेंबनातेरहतेहैं
  - Alam Khursheed
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