main ne maana ek na ik din laut ke tu aa jaayega | मैं ने माना एक न इक दिन लौट के तू आ जाएगा

  - Akhtar Saeed Khan
मैंनेमानाएकइकदिनलौटकेतूजाएगा
लेकिनतुझबिनउम्रजोगुज़रीकौनउसेलौटाएगा
हिज्रकेसद
मेंउसकातग़ाफ़ुलबातेंहैंसबकहनेकी
कुछभीमुझकोयादरहेगाजबवोगलेलगजाएगा
ख़्वाब-ए-वफ़ाआँखोंमेंबसाएफिरताहैक्यादीवाने
ताबीरेंपथरावकरेंगीजबतूख़्वाबसुनाएगा
कितनीयादेंकितनेक़िस्सेनक़्शहैंइनदीवारोंपर
चलतेचलतेदेखलेंमुड़करकौनयहाँफिरआएगा
बाद-ए-बहारीइतनाबतादेसादा-दिलान-ए-मौसमको
सर्फ़-ए-चमनजोख़ूनहुआहैरंगवोकबतकलाएगा
  - Akhtar Saeed Khan
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