dil-e-shoreeda ki vehshat nahin dekhi jaati | दिल-ए-शोरीदा की वहशत नहीं देखी जाती

  - Akhtar Saeed Khan
दिल-ए-शोरीदाकीवहशतनहींदेखीजाती
रोज़इकसरपेक़यामतनहींदेखीजाती
अबउनआँखोंमेंवोअगलीसीनिदामतभीनहीं
अबदिल-ए-ज़ारकीहालतनहींदेखीजाती
बंदकरदेकोईमाज़ीकादरीचामुझपर
अबइसआईनेमेंसूरतनहींदेखीजाती
आपकीरंजिश-ए-बेजाहीबहुतहैमुझको
दिलपेहरताज़ामुसीबतनहींदेखीजाती
तूकहानीहीकेपर्देमेंभलीलगतीहै
ज़िंदगीतेरीहक़ीक़तनहींदेखीजाती
लफ़्ज़उसशोख़कामुँहदेखकेरहजातेहैं
लब-ए-इज़हारकीहसरतनहींदेखीजाती
दुश्मन-ए-जाँहीसहीसाथतोइकउम्रकाहै
दिलसेअबदर्दकीरुख़्सतनहींदेखीजाती
देखाजाताहैयहाँहौसला-ए-क़ता-ए-सफ़र
नफ़स-ए-चंदकीमोहलतनहींदेखीजाती
देखिएजबभीमिज़ापरहैइकआँसू'अख़्तर'
दीदा-ए-तरकीरिफ़ाक़तनहींदेखीजाती
  - Akhtar Saeed Khan
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