nahin aasaan tark-e-ishq karna dil se gham j | नहीं आसान तर्क-ए-इश्क़ करना दिल से ग़म जाना

  - Akhtar Ansari Akbarabadi
नहींआसानतर्क-ए-इश्क़करनादिलसेग़मजाना
बहुतदुश्वारहैचढ़तेहुएतूफ़ाँकाथमजाना
ख़बरक्याथीसितमकीपर्दा-दारीयूँँभीहोतीहै
बहुतनादिमहूँजबसेमक़्सद-ए-जोश-ए-करमजाना
लिहाज़-ए-वज़्अ'-दारीमेंकभीमुमकिनहोशायद
तुम्हारादोक़दमआनाहमारादोक़दमजाना
हमेंअंदाज़-ए-रिंदानाकभीगिरनेनहींदेते
जोसाग़रसामनेआयाउसीकोजाम-ए-जमजाना
मिराहरशे'र'अख़्तर'इकपयाम-ए-ज़िंदगीनिकला
मुझेदुनियानेआख़िरमालिक-लौह-ए-क़लमजाना
  - Akhtar Ansari Akbarabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy