koshish-e-paiham ko sai-e-raaegaan kahte raho | कोशिश-ए-पैहम को सई-ए-राएगाँ कहते रहो

  - Akhtar Ansari Akbarabadi
कोशिश-ए-पैहमकोसई-ए-राएगाँकहतेरहो
हमचलेअबतुमहमारीदास्ताँकहतेरहो
गुफ़्तनीबातेंसहीनाग़ुफ़्तनीबातेंसही
चुपबैठोकोईअफ़्सानायहाँकहतेरहो
मस्लहतक्याबातजोहक़हीवोकहदोबरमला
लाखहोंअहबाबतुमसेबद-गुमाँकहतेरहो
हमकिथेआज़ादआज़ादीकीख़ातिरमरगए
जीनेवालोतुमक़फ़सकोआशियाँकहतेरहो
सिर्फ़कहनेसेज़मींक्याआसमाँहोजाएगी
कुछनहींहोगाज़मींकोआसमाँकहतेरहो
राहक्यामंज़िलहैकैसीहरहक़ीक़तहैफ़रेब
कारवाँकोभीग़ुबार-ए-कारवाँकहतेरहो
क्यूँँकरो'अख़्तर'कीबातेंवोतोइकदीवानाहै
तुमतोयारोअपनीअपनीदास्ताँकहतेरहो
  - Akhtar Ansari Akbarabadi
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