dilon pe yuñ bhi ajab ikhtiyaar dekha hai | दिलों पे यूँँ भी अजब इख़्तियार देखा है

  - Ahmad Musharraf Khawar
दिलोंपेयूँँभीअजबइख़्तियारदेखाहै
जोपुर-सुकूँथेउन्हेंबे-क़रारदेखाहै
हिलासकेक़दमजिनकेबादा-ओ-साग़र
उन्हींपेज़ुल्फ़-ओ-नज़रकाख़ुमारदेखाहै
हैइम्तिज़ाजअजबरंग-ओ-हुस्नकाउसमें
किजिसनेदेखाउसेबार-बारदेखाहै
खुलाहैराज़पस-ए-मर्गज़ातकाअपनी
फ़ज़ामेंउड़ताहुआजबग़ुबारदेखाहै
जोसकेकभीक़ैद-ए-ज़ातमेंअपनी
उन्हींपेतेरासभीइख़्तियारदेखाहै
जुनूँनेकरभीलियापारदर्दकासहरा
अभीख़िरदकोसर-ए-रहगुज़ारदेखाहै
बसइज़्तिराब-ओ-ख़लिशदर्द-ओ-आहऔरआँसू
हरएकदिलमेंवफ़ाकामज़ारदेखाहै
तोक्यालुभाएगीदिलकोशगुफ़्तगी-ए-गुल
किजबनज़रनेबदनकीबहारदेखाहै
थाजिनकोनाज़बहुतअपनीख़ुश-लिबासीपर
रह-ए-जुनूँमेंउन्हेंतार-तारदेखाहै
  - Ahmad Musharraf Khawar
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