yuñ kar rahe hain mohabbat men ehtiyaat ab ke | यूँँ कर रहे हैं मोहब्बत में एहतियात अब के

  - Ahmad Musharraf Khawar
यूँँकररहेहैंमोहब्बतमेंएहतियातअबके
किदूररहकेकियाउनसेइर्तिबातअबके
सफ़रथादिलकाकिसीदश्त-ए-बे-कराँजैसा
नज़रनेदेखाहैसायाहीरबातअबके
चलीहैकैसीहवाजानेसेहन-ए-गुलशनमें
किछिनगईहैलब-ए-गुलसेइम्बिसातअबके
मैंहारनेकेलिएखेलूँज़ीस्तकीबाज़ी
बिछाज़िंदगीऐसीकोईबिसातअबके
भटकगएहैंतिरीचाहमेंयूँँमंज़िलसे
किमाँगीहमनेदु'आइहदिनस्सिरातअबके
झुलसगएहैंसर-ए-शाख़ख़ारगुलशनमें
रासआयागुलाबोंसेइख़्तिलातअबके
ज़बूल-ए-फ़िक्र-ओ-नज़रकासबबहैहिज्रतिरा
किवस्ललम्होंसेमफ़क़ूदहैनशातअबके
  - Ahmad Musharraf Khawar
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