आँखोंमेंजोसमाएनमंज़रलपेटदे
यामेरीफ़िक्रमेंकोईमहशरलपेटदे
उनकीनिगाह-ए-मस्तकादिलमेंसुरूरहै
साक़ीसेकहदोबादा-ओ-साग़रलपेटदे
दुनियाकोयूँँख़बरतोहोआलाम-ए-ज़ीस्तकी
काँटोंकेसाथआजगुल-ए-तरलपेटदे
हूँमहव-ए-ख़्वाबउनकेतसव्वुरकीगोदमें
ऐवक़्तअपनेदर्दकाबिस्तरलपेटदे
होतागुमाँहैदेखकेबे-ताबी-ए-नज़र
क़तरेमेंजैसेकोईसमुंदरलपेटदे
अबहमकरेंगेक़ुव्वत-ए-बाज़ूसेफ़ैसला
मुंसिफ़तूअपनेअद्लकादफ़्तरलपेटदे
सहरासेजबपलटनेकाइम्कानहीनहीं
हंगाम-ए-रोज़गारमिराघरलपेटदे
आगाहरहयूँँसर्व-ओ-सनोबरनबनकेजी
ऐसानहोकिकोईतिरासरलपेटदे
बार-ए-इलाहकरदेअताअज़्म-ए-हैदरी
याफिरसमझकेहर्फ़-ए-मुकर्ररलपेटदे
सय्यादमैंजोहारगयाहौसलेकीजंग
फिरख़ुदकहूँगातुझसेमिरेपरलपेटदे