kisi ki zeest ka bas ek baab sannaata | किसी की ज़ीस्त का बस एक बाब सन्नाटा

  - Ahmad Kamal Hashmi
किसीकीज़ीस्तकाबसएकबाबसन्नाटा
किसीकेवास्तेपूरानिसाबसन्नाटा
हैउसकोलफ़्ज़सेमतलबमुझेमआ'नीसे
हैउसकाशोरमिराइंतिख़ाबसन्नाटा
दरून-ए-ख़ानाकीवीरानियाँकुछऐसीथीं
बरून-ए-ख़ानाहुआआबआबसन्नाटा
मुझेपताहैकहानीकाइख़्तितामहैक्या
तवीलबातकालुब्ब-ए-लुबाबसन्नाटा
मिरीख़मोशीपेउँगलीउठातारहताहै
ख़ुदअपनाकरतानहींएहतिसाबसन्नाटा
बुलंदहोतीसदाकोदबाकेख़ुशमतहो
ज़रूरलाएगाइकइंक़लाबसन्नाटा
शब-ए-फ़िराक़तिरीयादमेरीतन्हाई
उदासउदासफ़ज़ामाहताबसन्नाटा
अभी'कमाल'यहाँक़हक़हेउछलतेहैं
कहींकरदेउन्हेंएकख़्वाबसन्नाटा
  - Ahmad Kamal Hashmi
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