aah bharta hooñ to bharne bhi nahin deta hai | आह भरता हूँ तो भरने भी नहीं देता है

  - Ahmad Kamal Hashmi
आहभरताहूँतोभरनेभीनहींदेताहै
औरवोख़ामोशीसेमरनेभीनहींदेताहै
नाख़ुदाकश्तीकोसाहिलसेलगाताभीनहीं
बीचदरियामेंउतरनेभीनहींदेताहै
दूसराज़ख़्मलगादेताहैदिलपरमेरे
पहलेकोठीकसेभरनेभीनहींदेताहै
मेरेआँसुओंसेवोसंगपिघलताभीनहीं
सरपटककरमुझेमरनेभीनहींदेताहै
बाज़आताभीनहींज़र्बलगानेसेवो
टूटकरमुझकोबिखरनेभीनहींदेताहै
मेरेसपनोंकोवोसचभीनहींहोनेदेता
मगरउम्मीदकोमरनेभीनहींदेताहै
आइनेकोमिरेचेहरेसेशिकायतहैबहुत
आइनामुझकोसँवरनेभीनहींदेताहै
उसकीमहफ़िलमेंपहुँचनेकीतमन्नामतकर
वोतोकूचेसेगुज़रनेभीनहींदेताहै
  - Ahmad Kamal Hashmi
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