vo ik haseen kabhi tanhaa nahin nikalta hai | वो इक हसीं कभी तन्हा नहीं निकलता है

  - Ahmad Kamal Hashmi
वोइकहसींकभीतन्हानहींनिकलताहै
किजैसेचाँदअकेलानहींनिकलताहै
हरआदमीसेवफ़ाकीउमीदमतरक्खो
हरइकज़मीनसेसोनानहींनिकलताहै
घरोंमेंचारोंतरफ़क़ुमक़ु
मेंतोरौशनहैं
मगरदिलोंसेअँधेरानहींनिकलताहै
कुछइम्तिहानफ़क़तइम्तिहानहोतेहैं
हरइम्तिहाँकानतीजानहींनिकलताहै
कभीकभीबड़ीमुश्किलसेबातबनतीहै
ग़ज़लकाशे'रहमेशानहींनिकलताहै
हमारेदर्दकीदौलतफ़क़तहमारीहै
ज़मानेजातिराहिस्सानहींनिकलताहै
'कमाल'अबतोअदूकीशनाख़्तमुश्किलहै
हरएकबमसेफ़लीतानहींनिकलताहै
  - Ahmad Kamal Hashmi
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