zard chehron pe shaadmaani de | ज़र्द चेहरों पे शादमानी दे

  - Ahmad Ameer Pasha
ज़र्दचेहरोंपेशादमानीदे
हर्फ़-ए-बे-नामकोकहानीदे
रेज़ारेज़ाबिखरताजाताहूँ
मुझकोमेरीकोईनिशानीदे
ख़ौफ़डसजाएगामकीनोंको
लफ़्ज़तिरयाककोमआ'नीदे
शराब-ए-तहूरकेमालिक
प्यासेलोगोंकोसादापानीदे
सारीबस्तीकोमतजलामौला
बिजलियोंकोमिरीनिशानीदे
जिनकोहिजरतनेमारडालाहै
उनकोजीनेकाइज़्न-ए-सानीदे
  - Ahmad Ameer Pasha
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