tumhaari tishna-nigaahi ka ehtiraam karen | तुम्हारी तिश्ना-निगाही का एहतिराम करें

  - Ahmad Ameer Pasha
तुम्हारीतिश्ना-निगाहीकाएहतिरामकरें
फ़ुरात-ए-दश्त-ए-तमन्नातुम्हारेनामकरें
येहिज्रउनकोमिलाहैउन्हींकीख़्वाहिशपर
अबअहल-ए-दर्दयेजीनेकाएहतिमामकरें
तुम्हारीबज़्ममेंकुछभीसमझनहींआता
किसेइशाराकरेंऔरकिसेसलामकरें
बहुतज़रूरीहैयेधूपटालनेकेलिए
शजरलगाकेतिरेफ़लसफ़ेकोआमकरें
मुख़ालिफ़तभीमज़ादेतीहैअगरहमलोग
मुख़ालिफ़तकेउसूलोंकाएहतिरामकरें
तुम्हारेवस्लकीख़ुशियोंमेंदिलयेकरताहै
तुम्हारेनामपरआज़ादइकग़ुलामकरें
यहीतोपहलासबक़हैज़माना-गर्दीका
बग़लमेंलेकेछुरीमुँहमेंरामरामकरें
हिसार-ए-जाँसेबहुतऊँचीहोगईहै'अमीर'
फ़सील-ए-जब्रगिरानेकाइंतिज़ामकरें
  - Ahmad Ameer Pasha
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