mohabbat ko riya ki qaid se azaad karna hai | मोहब्बत को रिया की क़ैद से आज़ाद करना है

  - Ahmad Ameer Pasha
मोहब्बतकोरियाकीक़ैदसेआज़ादकरनाहै
हमेंफिरआरज़ुओंकानगरआबादकरनाहै
शिकस्त-ए-फ़ाशदेनीहैमन-ओ-तूकेरवय्योंको
मरासिमकीबहालीकाहुनरईजादकरनाहै
येक्याजब्र-ए-तअ'ल्लुक़हैकिफिरतेरेहवालेसे
किसीकोभूलजानाहैकिसीकोयादरखनाहै
गुज़िश्ताअहदमेंभीजुर्मथायेकार-ए-हक़-गोई
हमारीनस्लकोभीयेब-सदउफ़्तादकरनाहै
कईदीगरहवालेभीसुरूर-ओ-राहत-ए-दिलहैं
गएमौसमकीनिस्बतसेतुम्हेंभीयादकरनाहै
हमारेशे'रअगरजज़्बोंकोख़ुश्बूदेनहींसकते
तोफिरतोशे'रकहनावक़्तकोबर्बादकरनाहै
  - Ahmad Ameer Pasha
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