बे-सबबहीजानेकिसकिसकोख़फ़ाकरतेरहे
क्यूँकिसीकेरू-ब-रूहमआइनाकरतेरहे
लोगतदबीरोंसेहंगा
मेंबपाकरतेरहे
औरहमजब्र-ए-मशिय्यतकागिलाकरतेरहे
वाएमजबूरीकिहोंटोंपरनआईदिलकीबात
लाखहमसई-ए-बयान-ए-मुद्दआ'करतेरहे
ग़ालिबनयेभीहमाराइम्तिहाँथाबज़्ममें
लोगरहरहकरतुम्हारातज़्किराकरतेरहे
उनकीख़ातिरइसतकल्लुफ़कीकिसीकोक्याख़बर
किसलिएअपनेलहूकोहमहिनाकरतेरहे
हरनफ़सकेसाथजूँजूँउम्रकमहोतीगई
मुख़्तसरहमज़िंदगीकारास्ताकरतेरहे
औरभीदुश्वारअबख़ुदकोसमझनाहोगया
होशकेआलमसे'अफ़ज़ल'हमभीक्याकरतेरहे