तेज़आँधीथेबगूलाथेसबाथेहमभी
अपनीऔक़ातसेहरचंदसिवाथेहमभी
ढलगयाउम्रकासूरजतोयेएहसासहुआ
चारदिनकेलिएक्याजानिएक्याथेहमभी
लग़्ज़िशेंहमसेभीक्याक्यानबहर-गामहुईं
पूछिएहमसेतोपाबंद-ए-वफ़ाथेहमभी
आजठुकराएहुएसंगकीसूरतहीसही
कललरज़तेहुएहोंटोंकीदु'आथेहमभी
ग़मतोयेहैनमिलेहमकोपरखनेवाले
दह्रमेंआइना-ए-सिद्क़-ओ-सफ़ाथेहमभी
होगएबसकिबदलतीहुईक़द्रोंकेशिकार
अपनेअस्लाफ़केनक़्श-ए-कफ़-ए-पाथेहमभी
हमनेछोड़ानकहाँअपनाअसरऐ'अफ़ज़ल'
नाला-ए-सुब्हथेयाआह-ए-रसाथेहमभी