ye nahar-e-aab bhi us ki hai mulk-e-shaam us ka | ये नहर-ए-आब भी उस की है मुल्क-ए-शाम उस का

  - Afzal Ahmad Syed
येनहर-ए-आबभीउसकीहैमुल्क-ए-शामउसका
जोहश्रमुझपेबपाहैवोएहतिमामउसका
सिपाह-ए-ताज़ाभीउसकीसफ़-ए-निगाहसेहै
सफ़ा-ए-सीन-ए-शमशीरपरहैनामउसका
अमानख़ेमा-ए-रम-ख़ुर्दगाँमेंबाक़ीहै
किना-तमामहैइकशौक़-ए-क़त्ल-ए-आमउसका
किताब-ए-उम्रसेसबहर्फ़उड़गएमेरे
किमुझअसीरकोहोनाहैहम-कलामउसका
दिल-ए-शिकस्ताकोलानाहैरू-ब-रूउसके
जोमुझसेनर्महुआकोईबंददामउसका
मैंउसकेहाथसेकिसज़ख़्ममेंकमीरक्खूँ
शुरू-ए-नाज़भीउसकाहैइख़्तितामउसका
  - Afzal Ahmad Syed
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