har kisi ka har kisi se raabta toota hua | हर किसी का हर किसी से राब्ता टूटा हुआ

  - Aftab Iqbal Shamim
हरकिसीकाहरकिसीसेराब्ताटूटाहुआ
आँखसेमंज़रख़बरसेवाक़िआ'टूटाहुआ
क्यूँँयेहम-सूरतरवाँहैंमुख़्तलिफ़अतराफ़में
हैकहींसेक़ाफ़िलेकासिलसिलाटूटाहुआ
वाएमजबूरीकिअपनामस्ख़चेहरादेखिए
सामनेरक्खागयाहैआइनाटूटाहुआ
ख़ुद-ब-ख़ुदबदलेतोबदलेयेज़मींइसकेसिवा
क्याबशारतदेहमाराहौसलाटूटाहुआ
ख़्वाबकेआगेशिकस्त-ए-ख़्वाबकाथासामना
येसफ़रथामरहला-दर-मरहलाटूटाहुआ
कुछतग़ाफ़ुलभीख़बरदारीमेंशामिलकीजिए
वर्नाकरडालेगापागलवाहिमाटूटाहुआ
  - Aftab Iqbal Shamim
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