be-sabab muskurana zaroori nahin | बे-सबब मुस्कुराना ज़रूरी नहीं

  - Gulshan
बे-सबबमुस्कुरानाज़रूरीनहीं
इसतरहग़मछुपानाज़रूरीनहीं
आँखमेंगरसमुन्दरबनेंतोबनें
आँसुओंकोबहानाज़रूरीनहीं
कौनहैजोतुम्हारीकहानीसुने
ग़मसभीकोदिखानाज़रूरीनहीं
तुमसफ़रमेंअकेलेचलोगेयहाँ
साथदेगाज़मानाज़रूरीनहीं
बर्क़गिरतीरहेगीचमनमेंमगर
ख़ाकहोआशियानाज़रूरीनहीं
तीरभीअबचलेंकुछनएढंगसे
चूकजाएनिशानाज़रूरीनहीं
हस्ब-ए-मामूलउसनेहैवा'दाकिया
उसकावा'दानिभानाज़रूरीनहीं
  - Gulshan
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