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Gulshan
chhod rahe ho achha hai tum to ye bhi kar sakte ho
chhod rahe ho achha hai tum to ye bhi kar sakte ho | छोड़ रहे हो अच्छा है तुम तो ये भी कर सकते हो
- Gulshan
छोड़
रहे
हो
अच्छा
है
तुम
तो
ये
भी
कर
सकते
हो
मैं
तो
जिस
से
मिल
जाता
हूँ
साथ
निभाने
लगता
हूँ
- Gulshan
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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जो
न
खेली
होली
'अमृत'
के
साथ
में
हाथों
में
दीवाली
तक
गुलाल
रहेगा
Amritanshu Sharma
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
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जानता
हूँ
कि
तुझे
साथ
तो
रखते
हैं
कई
पूछना
था
कि
तेरा
ध्यान
भी
रखता
है
कोई?
Umair Najmi
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बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
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जाने
अब
वो
किसके
साथ
निकलता
होगा
रातों
को
जाने
कौन
लगाता
होगा
दो
घंटे
तैयारी
में
Danish Naqvi
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गर
डूबना
ही
अपना
मुक़द्दर
है
तो
सुनो
डूबेंगे
हम
ज़रूर
मगर
नाख़ुदा
के
साथ
Kaifi Azmi
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मशवरा
हम
भी
तो
दे
सकते
थे
पर
तेरा
साथ
दे
रहे
थे
हम
Vishal Singh Tabish
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Bilal Ameer Ahmad
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मौसम
में
वो
बात
नहीं
है
तेरा
मेरा
साथ
नहीं
है
सूखी
आँखें
दरिया
ख़ाली
यानी
अब
बरसात
नहीं
है
तू
भी
सबके
जैसी
निकली
तुझ
में
भी
कुछ
बात
नहीं
है
तू
दरिया
है
मैं
हूँ
तिनका
मेरी
कुछ
औक़ात
नहीं
है
इश्क़
तो
हर
मज़हब
को
माने
इश्क़
की
कोई
ज़ात
नहीं
है
कटी
पतंगें
लूटे
कैसे
'गुल'
के
लंबे
हाथ
नहीं
है
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Gulshan
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मेरे
दस्त-ए-तमन्ना
पर
तुम्हारे
हाथ
का
होना
बड़े
हासिद
बनाएगा
बहुत
से
दिल
जलाएगा
Gulshan
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बे-ख़याली
में
हम
भी
कहाँ
आ
गए
छोड़
पीछे
तुम्हारे
जहाँ
आ
गए
अब
बुलाना
नहीं
याद
आना
नहीं
फ़ासले
अब
बहुत
दरमियाँ
आ
गए
अब
कोई
आरज़ू
या
गुज़ारिश
नहीं
मोल
इसका
नहीं
हम
कहाँ
आ
गए
जिस्म
की
हद
के
बाहर
निकल
कर
जहाँ
रूह
रौशन
हुई
हम
वहाँ
आ
गए
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Gulshan
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तुम
समुंदर
की
बात
करते
हो
यहाँ
आँखों
से
दरिया
बहता
है
Gulshan
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सुनो
रोना
तो
मैं
भी
चाहता
हूँ
इस
में
तौहीन
मेरी
जात
की
है
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Gulshan
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