hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Gulshan
yaanii koi kamii nahin mujh men
yaanii koi kamii nahin mujh men | यानी कोई कमी नहीं मुझ में
- Gulshan
यानी
कोई
कमी
नहीं
मुझ
में
यानी
मुझ
में
कमी
उन्हीं
की
है
- Gulshan
Download Sher Image
ज़ीस्त
से
बेज़ार
था
सो
मर
गया
बेसबब
किरदार
था
सो
मर
गया
झूठा
वो
इक़रार
था
सो
मर
गया
नाम
का
बस
प्यार
था
सो
मर
गया
जान
माँगी
थी
किसी
ने
प्यार
से
आदमी
दिलदार
था
सो
मर
गया
नफ़रतों
का
खेल
जो
रचता
था
वो
ज़ेहन
से
बीमार
था
सो
मर
गया
बे-वफ़ा
दुनिया
से
रखना
ज़ीस्त
में
आसरा
बेकार
था
सो
मर
गया
Read Full
Gulshan
Download Image
12 Likes
बे-ख़याली
में
हम
भी
कहाँ
आ
गए
छोड़
पीछे
तुम्हारे
जहाँ
आ
गए
अब
बुलाना
नहीं
याद
आना
नहीं
फ़ासले
अब
बहुत
दरमियाँ
आ
गए
अब
कोई
आरज़ू
या
गुज़ारिश
नहीं
मोल
इसका
नहीं
हम
कहाँ
आ
गए
जिस्म
की
हद
के
बाहर
निकल
कर
जहाँ
रूह
रौशन
हुई
हम
वहाँ
आ
गए
Read Full
Gulshan
Download Image
2 Likes
दिल
की
हस्ती
मिटाता
जा
रहा
हूँ
उसकी
यादें
भुलाता
जा
रहा
हूँ
Gulshan
Send
Download Image
11 Likes
मौसम
में
वो
बात
नहीं
है
तेरा
मेरा
साथ
नहीं
है
सूखी
आँखें
दरिया
ख़ाली
यानी
अब
बरसात
नहीं
है
तू
भी
सबके
जैसी
निकली
तुझ
में
भी
कुछ
बात
नहीं
है
तू
दरिया
है
मैं
हूँ
तिनका
मेरी
कुछ
औक़ात
नहीं
है
इश्क़
तो
हर
मज़हब
को
माने
इश्क़
की
कोई
ज़ात
नहीं
है
कटी
पतंगें
लूटे
कैसे
'गुल'
के
लंबे
हाथ
नहीं
है
Read Full
Gulshan
Download Image
3 Likes
ख़्वाब
में
ही
आना
जाना
रह
गया
याद
बस
गुज़रा
जमाना
रह
गया
मैं
हूँ
तन्हा
सामने
है
आइना
अब
न
कुछ
बाक़ी
बहाना
रह
गया
ले
गया
यादों
के
मौसम
साथ
वो
मुझपे
बस
इक
ख़त
पुराना
रह
गया
रूह
कब
की
जा
चुकी
है
उसके
साथ
अब
तो
बस
ये
तन
जलाना
रह
गया
जोड़कर
खुशियाँ
बनाया
घोंसला
उड़
गया
पंछी
ठिकाना
रह
गया
Read Full
Gulshan
Download Image
8 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Teer Shayari
Violence Shayari
Patang Shayari
Shajar Shayari
Hunar Shayari