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Subodh Sharma "Subh"
kitaabon men meraa dil hai yahiin rakhna
kitaabon men meraa dil hai yahiin rakhna | किताबों में मेरा दिल है यहीं रखना
- Subodh Sharma "Subh"
किताबों
में
मेरा
दिल
है
यहीं
रखना
लिखा
हो
नाम
उसका
बस
वहीं
रखना
वहीं
रखना
जहाँ
पे
छाँव
हो
उसकी
वगरना
क़ब्र
सहरा
में
नहीं
रखना
- Subodh Sharma "Subh"
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मैं
आप
अपनी
मौत
की
तय्यारियों
में
हूँ
मेरे
ख़िलाफ़
आप
की
साज़िश
फ़ुज़ूल
है
Shahid Zaki
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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हम
चाहते
थे
मौत
ही
हम
को
जुदा
करे
अफ़्सोस
अपना
साथ
वहाँ
तक
नहीं
हुआ
Waseem Nadir
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देखो
मौत
का
मौसम
आने
वाला
है
ज़िंदा
रहना
सब
सेे
बड़ी
लड़ाई
है
Shadab Asghar
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ज़िन्दगी
भर
मैं
भले
हर
बात
पर
रोता
रहूँ
मौत
पे
मेरी
मगर
हर
शख़्स
रोना
चाहिए
Ashish Awasthi
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सब
ने
माना
मरने
वाला
दहशत-गर्द
और
क़ातिल
था
माँ
ने
फिर
भी
क़ब्र
पे
उस
की
राज-दुलारा
लिक्खा
था
Ahmad Salman
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दिल
को
सुकून
रूह
को
आराम
आ
गया
मौत
आ
गई
कि
दोस्त
का
पैग़ाम
आ
गया
Jigar Moradabadi
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ज़िन्दगी
इक
हादसा
है
और
कैसा
हादसा
मौत
से
भी
ख़त्म
जिसका
सिलसिला
होता
नहीं
Jigar Moradabadi
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मौत
का
एक
दिन
मुअय्यन
है
नींद
क्यूँँ
रात
भर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
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जन्नत
में
आ
गया
था
किसी
अप्सरा
पे
दिल
जिसकी
सज़ा-ए-मौत
में
दुनिया
मिली
मुझे
Ankit Maurya
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हर
सम्त
है
ख़ुदा
वो
किसी
से
जुदा
नहीं
गालिब
नज़र
से
पी
है
नज़र
में
ख़ुदा
नहीं
Subodh Sharma "Subh"
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आता
है
काम
कब
ये
सिखाया
हुआ
सबक़
सब
सीख
के
भी
हाथ
पे
छाले
पड़े
रहे
Subodh Sharma "Subh"
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हर
रोज़
रोज़
दिल
में
नया
ग़म
लिए
हुए
बैठे
हुए
हैं
रौशनी
मद्धम
किए
हुए
रोते
हुए
का
हाथ
बटाना
नहीं
कभी
कहना
उसे
कि
हम
भी
ये
आलम
जिए
हुए
साबित
किया
था
हमने
मोहब्बत
को
बे-वफ़ा
कपड़े
उतार
कर
के
थे
परचम
सिए
हुए
जितनी
चढ़ी
हैं
आज
मज़ारों
पे
चादरें
उतने
गुनाह
इश्क़
में
हैं
हम
किए
हुए
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Subodh Sharma "Subh"
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इक
जुर्म
तक
नहीं
था
हवाले
पड़े
रहे
ता-ज़िंदगी
ही
जान
के
लाले
पड़े
रहे
आता
है
काम
कब
ये
सिखाया
हुआ
सबक़
सब
सीख
के
भी
हाथ
पे
छाले
पड़े
रहे
क्या
इसलिए
ये
उम्र
कटी
है
ज़'ईफ़
की
गाँवों
से
दूर
उस
के
उजाले
पड़े
रहे
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Subodh Sharma "Subh"
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सभी
कुछ
हाथ
हो
के
दर-बदर
है
तेरे
ता'वीज़
का
ये
सब
असर
है
हसीं
सीरत
पे
ये
बेचैन
आँखें
चटकती
धूप
सहरा
में
शजर
है
बने
अर्जुन
यहाँ
कितने
हैं
बैठे
कहाँ
पर
ये
कहाँ
इनकी
नज़र
है
नहीं
रोना
किसी
दुख
पर
मुझे
'शुभ'
जो
होना
है
वही
होना
अगर
है
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